तो क्या रिलायंस जियो नहीं देगी मुफ्त कॉलिंग

पिछले माह 5 सितंबर से मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो ने अपनी 4जी सेवा शुरू कर दी है और इसी के साथ कंपनी ने वेलकम आॅफर की भी घोषणा की है। इस आॅफर के तहत उपभोक्ता 31 दिसंबर तक कंपनी की सभी सेवाएं मुफ्त में पा सकते हैं। इतना ही नहीं लॉन्च के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने यह भी घोषणा की थी कि जियो के तहत लाइफ टाइम तक कॉलिंग सेवा मुफ्त होगी। कॉलिंग के लिए उपभोक्ताओं को किसी तरह का कोई चार्ज चुकाना नहीं होगा।

परंतु जिस तरह की खबर आई है वह बेहद ही चौकाने वाली है। टेलिकॉम रेग्युलेटरी ऑफ इंडिया (ट्राई) में रिलायंस जियो द्वारा 1 रुपये 20 पैसै प्रति मिनट की दर से वॉइस टैरिफ प्लान की जानकारी दी गई है। इस बाबत ट्राई ने कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा है। हालांकि स्पष्टीकरण को लेकर जियो का जवाब फिलहाल नहीं आया है। इकोनोमिक टाइम्स द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जियो जल्द ही अपने प्लान में बदलाव कर सकती है।

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रिलांयस जियो द्वारा ट्राई को दिए गए इस टैरिफ प्लान को आप सिम के कवर पर भी पढ़ सकते हैं। कंपनी ने ग्राहकां को दिए गए सिम कार्ड पर 2 पैसे प्रति सेकेंड की दर से कॉलिंग शुल्क लिख रहा है जो प्रति मिनट 1 रुपए 20 पैसे का है।

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गौरतलब है कि ट्राई द्वारा वर्ष 2004 में कॉलिंग को लेकर कुछ नियम बनाए गए थे जिसके अनुसार एक कंपनी के नेटवर्क से दूसरी कंपनी के नेटवर्क पर कॉल करने के दौरान इंटरकनेक्ट यूजर चार्ज (आईयूसी) चुकाना होगा जो प्रति मिनट 14 पैसे का है। ऐसे में सवाल यही है कि आखिर कंपनी इससे कम शुल्क पर कैसे कॉलिंग मुहैया करा सकती है। जियो द्वारा फ्री कॉलिंग की घोषणा की गई है। ऐसे में हो सकता है कि जियो अपने टैरिफ प्लान में बदलाव कर सकता है और कॉल के लिए शुल्क चुकाना पड़ सकता है। हालांकि इस बारे में फिलहाल कंपनी ने अब तक कोई बयान नहीं दिया है।

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टेक्नोलॉजी शौक नहीं इनका जुनून है और इसी जुनून ने इन्हें टेक जगत में आने के लिए प्रेरित किया। मुकेश कुमार सिंह उन चंद लोगों में से हैं जिन्होंने हिंदी में मोबाइल रिव्यू लिखने की शुरूआत की। अपने 11 सालों के प​त्रकारिता के सफर की शुरुआत इन्होंने हिंदी डेली से की और पिछले 10 सालों से ये मोबाइल तकनीकी क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक ये मॉय मोबाइल मैगजीन और बीजीआर जैसे वेबसाइट के लिए कार्य कर चुके हैं। वहीं जागरण और नवभारत टाइम्स जैसे अखबारों में इनके लेख नियमित रूप से छपते रहते हैं।